गोसाञ्यिकि बॆडो नामिकि बड़ेद्
(पाड़ु सरदार लग्कि गित्तीत सूरेनो पाड़ोति दाऊदेकि चामे)
1 ओ यॆहोवा, ऎम प्रबु, निंग्कि नामिद् सग्र क़ेक़लनो इन्द्र-बाने सिञ्याड़िद्! नीन निंग्कि बिडयेन मॆरग़ेनो ओजकि।
2 राडेन अन्ते तॊड़ेन ओयुन पोलत्रलि अदिक, नीन क़ॊरो मक़ेर अन्ते दूद-ऒनुर निंगेन पोग़ोलेत्रेर, निंग राडेरि अगदु बड़ेन ओत्रलि।
3 नीन मेन्जेकि आ मॆरग़ेन, अन्ते नीन चोरत्रकि आ बिलपे अन्ते बीन्डकेन टुन्डिन अदेनो,
4 एन, मलेह् इन्द्रेह् अदे नीन अहिन उगलारनि, अन्ते मल तंग़ादेह् इन्द्रेह् अदे नीन अहिन कब्रेयनि, आनिन।
5 नीन गा अहिन निंगेन्ते* जोकाहि ऎतो ननकि, अन्ते अहिन बिडयेत अन्ते सिञ्याड़ित साजयनि।
6 नीन अहिन निंग्कि गोट मेन्जग़र्प मॆचे उकमेन चलात्रोति टहरेत्रकि; अन्ते गोट आकेन अहि क़ॆड क़ोलग़रनो बिच्रकि:*
7 बेडिन, अन्ते बड़देन गोटेनि, अन्ते क़व्रो सावजेन हों,
8 ताकेनो उडयारु पुजे, समुद्रेकि मीने, अन्ते समुद्रे उले चरयु जिबयु गोट आकेन।
9 ओ यॆहोवा ऎम प्रबु, निंग नामिद् सग्र क़ेक़लनो इन्द्र-बाने सिञ्याड़िद्!